भारत और बांग्लादेश के बीच सबकुछ ठीकठाक नहीं चल रहा है. प्रधानमंत्री शेख हसीना की सरकार का तख्तापलट होने के बाद से ही दोनों देशों के बीच के संबंध सामान्य नहीं रहे. बिम्सटेक शिखर सम्मेलन से कुछ उम्मीेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेदें बंधी हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के सलाहकार माहम्मद यूनुस से बैंकॉक में मुलाकात की है. इस दौरान संबंधों को फिर से पटरी पर लाने को लेकर बातचीत हुई. इस दौरान पीएम मोदी ने मोहम्मद यूनुस को 4 हिदायतें दी हैं, ताकि संबंध में और कड़वाहट न आए और दोनों देश साथ मिलकर प्रगति के पथ पर आगे बढ़ सकें.
भड़काऊ बयानबाजी से बचें: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यूनुस से भड़काऊ बयानबाजी को बढ़ावा देने के बजाय नई दिल्ली के साथ व्यावहारिक और फलदायी संबंध बनाने पर ध्यान केंद्रित करने का आग्रह किया. सीमा सुरक्षा और स्थिरता बनाए रखने और अवैध तरीके से सीमा पार करने वालों पर नकेल कसने के महत्व को भी रेखांकित किया. भारत के विदेश मंत्रालय द्वारा जारी एक प्रेस बयान में कहा गया है, ‘सीमा पर कानून का सख्त पालन और अवैध सीमा पार करने वालों की रोकथाम, विशेष रूप से रात में, सीमा सुरक्षा और स्थिरता बनाए रखने के लिए आवश्यक है.’
अल्पसंख्यकों की रक्षा: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों खासकर हिंदुओं की सुरक्षा को लेकर भी अपनी चिंता व्यक्त की. उन्होंने बांग्लादेशी प्रतिनिधि से कहा कि हिंदुओं के खिलाफ अत्याचारों की जांच सुनिश्चित की जाए. विदेश विभाग की ओर से जारी बयान में कहा गया, ‘प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हिंदुओं सहित बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों की सुरक्षा से संबंधित भारत की चिंताओं से यूनुस को अवगत कराया. साथ ही उम्मीद जताई कि बांग्लादेश सरकार उनके खिलाफ किए गए अत्याचारों के मामलों की गहन जांच करके उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करेगी.’