छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) के बलौदा बाजार (Baloda Bazar) में 10 जून 2024 को हुई आगजनी और हिंसा के मामले में बुधवार को जिला एवं सत्र न्यायालय में सुनवाई हुई. इस दौरान भिलाई नगर विधायक देवेंद्र यादव (Devendra Yadav) समेत सात अन्य आरोपियों की मौजूदगी में अभियोग दाखिल किया गया, जिसे सभी आरोपियों ने अस्वीकार कर दिया. वहीं, कोर्ट के बाहर यादव ने कहा कि आने वाले समय में कांग्रेस (Congress Party) की सरकार बनेगी, तब इस मामले को शून्य घोषित कर इसे पूरी तरह से खत्म कर दिया जाएगा.
यह मामला दशहरा मैदान में सतनामी समाज के प्रदर्शन के दौरान दिए गए भाषण और उसके बाद हुई हिंसा से जुड़ा है, जिसमें पुलिस ने विभिन्न धाराओं के तहत अपराध दर्ज किए थे. अदालत में सुनवाई के दौरान आरोपियों के खिलाफ अभियोग पत्र पेश किया गया, जिसे सभी आरोपियों ने अस्वीकार कर दिया, जिसके बाद अब इस मामले में गवाहों के बयान दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू होगी.
बलौदा बाजार में जमकर हुई थी हिंसा और तोड़फोड़
गौरतलब है कि 10 जून को सतनामी समाज के प्रदर्शन के दौरान बलौदा बाजार में हिंसा भड़क गई थी. प्रदर्शन के बाद संयुक्त जिला कार्यालय भवन, पुलिस अधीक्षक कार्यालय, तहसील कार्यालय सहित अन्य सरकारी संपत्तियों में तोड़फोड़ और आगजनी की घटनाएं हुई थी. पुलिस ने इस मामले में विभिन्न धाराओं के तहत 13 प्राथमिकी (एफआईआर) दर्ज की थी. इनमें से अपराध क्रमांक 386/2024 के तहत भिलाई नगर विधायक देवेंद्र यादव समेत दिनेश कुमार चतुर्वेदी, मोहन बंजारे, किशोर नौरंगे, राजकुमार सतनामी, ओमप्रकाश बंजारे, नितेश उर्फ निक्कू टंडन सात लोगों को आरोपी बनाया गया था.
बोलेच अदालत बाइज्जत होंगे बरी
अदालत में पेश होने के बाद विधायक देवेंद्र यादव ने मीडिया से बात की, उन्होंने कहा कि हमें न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है. बलौदा बाजार कांड में जिस तरह से प्रशासन ने निर्दोष लोगों को जेल में डाला. 8-9 माह प्रताड़ित किया और परिवार के लोगों को परेशान किया, लेकिन न्यायालय ने हमें जमानत दी. लिहाजा, सर्वोच्च न्यायालय पर हमें पूरा भरोसा है. इस मामले में अब ट्रायल शुरू होने वाला है, हमें पूरा भरोसा है कि ट्रायल शुरू होगा और सभी बाइज्जत बरी होंगे.