दिल्ली हाईकोर्ट के जस्टिस यशवंत वर्मा के घर में कैश कांड का रहस्य बरकरार है. जस्टिस यशवंत वर्मा के घर लगी रहस्यमयी आग और कथित नोटों के जलने को लेकर जांच जारी है. इस बीच सुप्रीम कोर्ट ने जज यशवंत वर्मा से सीधे तौर पर तीन सवालों के जवाब तलब किए. सुप्रीम कोर्ट ने अपने सवालों में सीधे तौर पर घर में लगी आग और कथित नोटों के जलने को लेकर सवाल पूछा. जस्टिस वर्मा के घर 14 मार्च यानी होली वाली रात को आग लगी थी. आग पर काबू पाने के दौरान ही कैश कांड का खुलासा हुआ था.
जस्टिस यशवंत वर्मा से सुप्रीम कोर्ट के तीन सवाल थे. पहला सवाल था कि जस्टिस वर्मा के घर में स्थित कमरे में मौजूद धन/कैश की उपस्थिति का हिसाब वह कैसे देते हैं? दूसरा सवाल था कि उक्त कमरे में पाए गए कैश का सोर्स बताएं? तीसरा अहम सवाल था कि वह व्यक्ति कौन है, जिसने 15 मार्च 2025 की सुबह कमरे से जले हुए नोट निकाले थे? सुप्रीम कोर्ट ने जस्टिस वर्मा से यह भी कहा कि आप अपने मोबाइल फोन को नष्ट न करें. अपने मोबाइल फोन से किसी भी बातचीत संदेश या डेटा को न हटाए और न ही संशोधित करें
वो 3 सवाल और जज वर्मा का जवाब
दिल्ली हाईकोर्ट के जस्टिस यशवंत वर्मा ने भी सुप्रीम कोर्ट के इन इन तीनों सवालों के सीधे जवाब दिए. पहले सवाल के जवाब में जस्टिस वर्मा ने लिखित रूप से कहा कि मुझे कभी भी घर के स्टोर रूम में पड़े किसी पैसे या नगदी के बारे में पता नहीं था. न तो मुझे और न ही मेरे परिवार के किसी भी सदस्य को कैश यानी नकदी के बारे में कोई जानकारी थी. न ही इसका मुझसे या मेरे परिवार से कोई संबंध है. मेरे परिवार के सदस्यों या कर्मचारीयों को जिस रात को आग लगी उस रात को ऐसी कोई मुद्रा या नकदी दिखाई नहीं गई. दूसरे सवाल का जवाब देते हुए जस्टिस वर्मा ने कहा कि पहले प्रश्न के जवाब से साफ तौर पर जाहिर है कि दूसरे प्रश्न का जवाब यानी कैश का सोर्स को स्पष्ट करने का कोई प्रश्न ही नहीं उठता.