गृहमंत्री अमित शाह ने वक्फ बोर्ड संशोधन बिल पर फैलाए जा रहे भ्रम को दूर किया. उन्होंने साफ कहा कि वक्फ बोर्ड में कोई गैर मुस्लिम सदस्य नहीं होगा. मुसलमान भी ट्रस्ट एक्ट के अंदर अपना ट्रस्ट रजिस्टर करा सकेगा. शाह ने कहा- हम वही करने जा रहे हैं जो कभी लालू यादव करना चाहते थे. शाह ने विपक्ष पर भ्रम फैलाने का आरोप लगाते हुए कहा कि ये सिर्फ इसलिए विरोध कर रहे हैं क्योंकि इनकी लूट खसोट बंद होने वाली है. इस मौके पर शाह ने 10 ऐसी बातें कहीं, जिससे मुसलमानों में फैलाए जा रहे भ्रम दूर हो जाएंगे.
बिल पर गृहमंत्री अमित शाह की 10 बड़ी बातें
1. वक्फ मुस्लिम भाइयों की धार्मिक क्रिया-क्लाप और उनके बनाए हुए दान से ट्रस्ट है… उसमें सरकार कोई दखल नहीं देना चाहती है. मुतवल्ली भी उनका होगा, वाकिफ भी उनका होगा, वक्फ भी उनका होगा. ये जो भ्रम खड़ा किया जा रहा है कि यह एक्ट मुस्लिम भाइयों के धार्मिक क्रियाकलापों के अंदर उनकी दान की हुई संपत्ति के अंदर दखल करने का है… ये बहुत बड़ी भ्रांति फैलाकर माइनॉरिटी को डराकर अपनी वोटबैंक खड़ी करने के लिए किया जा रहा है.
2. वक्फ का कानून दान के लिए किसी द्वारा दी हुई संपत्ति, उसका एडमिनिस्ट्रेशन अच्छे से चल रहा है या नहीं, कानून के हिसाब से चल रहा है या नहीं… या तो दान जिस चीज के लिए दिया जा रहा है, इस्लाम धर्म के लिए दिया है, गरीबों के उद्धार के लिए दिया गया है… उसके उद्देश्य के लिए उपयोग हो रहा है या नहीं हो रहा है … इसका नियमन करने का काम है.
3. शाह ने कहा- अब किसी भी संपत्ति को वक्फ घोषित नहीं किया जा सकता. एएसआई, सरकारों, आदिवासी समुदायों, निजी नागरिकों की भूमि को कानून के तहत सुरक्षा मिलेगी. सभी मुस्लिम समुदाय चाहे वे शिया, पसमांदा, अहमदिया, बोहरी हों, ट्रस्ट पंजीकृत कर सकते हैं, उन्हें वक्फ के माध्यम से जाने की आवश्यकता नहीं है.
5. अब मुसलमान भी ट्रस्ट एक्ट के अंदर अपना ट्रस्ट रजिस्टर करा सकता है. इसके लिए कंपलसरी नहीं है कि वह वक्फ के कानून में भी जाए. चैरिटेबल चैरिटी कमिश्नर एक्ट के तहत वह करने वाला है. भूमि के रिकॉर्ड का कार्यालय होगा. समाचार पत्रों और क्षेत्रीय भाषाओं में इसका विज्ञापन दिया जाएगा.
6. शाह ने कहा- वक्फ बोर्ड को अब रिपोर्ट देनी पड़ेगी, बैलेंस शीट जमा होगी, CAG के रिटायर्ड ऑफिसर ऑडिट करेंगे और पारदर्शिता आएगी. पारदर्शिता से क्यों डरना चाहिए किसी को? वक्फ बोर्ड या काउंसिल के किसी ऑर्डर पर कोर्ट में भी जाया जा सकेगा. कांग्रेस ने तो ये प्रावधान ही खत्म कर दिया था. इम इसमें जोड़ रहे हैं.
7. अमित शाह ने कहा, एक और गलतफहमी फैलाई जा रही है कि यह विधेयक पुराने समय से लागू होगा. विधेयक में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि विधेयक पारित होने पर सरकार द्वारा अधिसूचना जारी किए जाने के बाद कानून लागू होगा… कोई पूर्वव्यापी प्रभाव नहीं है…इसलिए विपक्ष पर पर मुसलमानों को गुमराह कर रहा है.
8. शाह ने कहा, इस बिल के आने के बाद देशभर में एक भी मुसलमान का हक नहीं जाएगा.. वक्फ के प्रशासनिक कामकाज में कोई भी रह सकता है धार्मिक कामों में सिर्फ मुस्लिम ही रहेंगे. एक करोड़ ऑनलाइन सुझाव इस बिल को बनाते वक्त ध्यान में रखे गए. मुसलमान को सशक्त बनाने के लिए यह बिल लाया गया है.
9. शाह ने कहा कि वक्फ संपत्तियों पर कोई भी विवाद अदालतों द्वारा तय किया जाएगा. अगर जनता की संपत्ति वक्फ पर कब्जा कर ली गई है, तो वह अदालतों के अलावा कहां जाएगी. वक्फ बोर्ड एक वैधानिक निकाय है, न कि मुस्लिम समुदाय का विशेष अधिकार क्षेत्र.
10. शाह ने विपक्षी सांसदों को जवाब देते हुए कहा, किसी ने कहा कि यह विधेयक मुसलमानों द्वारा स्वीकार नहीं किया जाएगा, ये कौन सी धमकी है? संसद के कानून को सभी को स्वीकार करना होगा. शाह ने कहा. वक्फ धार्मिक है, लेकिन इसका बोर्ड धार्मिक नहीं है.