कभी-कभी जिंदगी कुछ और ही तय कर लेती है. एक शख्स रिटायरमेंट के बाद अपने परिवार के साथ सुकून भरी जिंदगी जीने का सपना देख रहा था, लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था. झारखंड में रेलवे ट्रैक पर हुए हादसे ने न सिर्फ ट्रेन को पटरी से उतार दिया बल्कि एक परिवार की खुशियां भी छीन लीं. दरअसल, काम के आखिरी दिन, झारखंड में एक ट्रेन हादसे में लोको पायलट की मौत हो गई. वह फरक्का थर्मल पावर स्टेशन में मालगाड़ियों के लोको पायलट के रूप में कार्यरत थे. परिवार के सूत्रों के अनुसार, वह कोयला लदी ट्रेन के साथ फरक्का लौट रहे थे.
दोनों मालगाड़ियों के इंजन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए
मिली जानकारी के अनुसार, बाराहाट लाइन पर एक खाली मालगाड़ी खड़ी थी. सुबह करीब 4 बजे, फरक्का से लालमटिया जा रही कोयला लदी मालगाड़ी उसी लाइन पर तेज गति से आ गई. टक्कर से दोनों मालगाड़ियों के इंजन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए. मालगाड़ी पटरी से उतर गई और रेलवे के क्षतिग्रस्त हिस्सों में आग लग गई.
बता दें कि हादसे में शामिल दोनों मालगाड़ियों के ड्राइवरों की मौत हो गई. एक शव बरामद कर लिया गया है, लेकिन दूसरा अभी तक नहीं मिला है. जिस लाइन पर हादसा हुआ, वह बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई है. रेलवे सूत्रों के अनुसार, अगले 2-3 दिनों तक उस लाइन पर कोई मालगाड़ी नहीं चलेगी.
गंगेश्वर माल का शव पोस्टमॉर्टम के बाद घर लाया जाएगा. पूरा मोहल्ला अपने प्रियजन को आखिरी बार देखने का इंतजार कर रहा है. रेलवे सूत्रों के अनुसार, ट्रेन झारखंड के पहलगांव से कोयला लेकर मुर्शिदाबाद के एनटीपीसी फरक्का जा रही थी. यह कोयला लदी मालगाड़ी पूरी तरह से एनटीपीसी द्वारा संचालित थी. बताया जा रहा है कि गंगेश्वर माल लोको पायलट थे. मंगलवार उनका काम का आखिरी दिन था और उन्होंने रिटायरमेंट के बाद अपने परिवार के साथ समय बिताने की योजना बनाई थी. उन्हें सुबह 10:30 बजे घर लौटना था, लेकिन सुबह-सुबह एक दुखद हादसा हो गया. गंगेश्वर माल अपने परिवार के पास लौटे, लेकिन ताबूत में…