देश में पहली बुलेट ट्रेन दौड़ाने की तैयारियां जोरों से चल रही हैं. पहली हाई स्पीड ट्रेन अहमदाबाद से गुजरात के बीच चलेगी. इस राह में आ रही सबसे मुश्किल चुनौती को पार कर लिया गया है और अब 508 किलोमीटर के इस प्रोजेक्ट की राह आसान हो जाएगी. इस प्रोजेक्ट के पूरा होने के बाद अहमदाबाद से मुंबई तक जाना आसान हो जाएगा और इस दूरी को महज 3 से 3.5 घंटे में पूरा किया जा सकेगा.
दरअसल, मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना के लिए 260 मीटर लंबा प्री-स्ट्रेस्ड कंक्रीट पुल गुजरात में निर्माणाधीन नेशनल एक्सप्रेसवे पर सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है. यह जानकारी नेशनल हाई स्पीड रेल कॉर्पोरेशन (NHSRC) ने दी है. नया पुल सूरत जिले के कोसांबा के पास नेशनल एक्सप्रेसवे-4 के ऊपर बनाया गया है, जिसे एक ऊंचे वायाडक्ट के रूप में निर्मित किया गया है. NHSRC के अनुसार, यह परियोजना के लिए पांचवां पीएससी पुल है, जिसमें 104 प्रीकास्ट सेगमेंट और 50 और 80 मीटर के स्पैन शामिल हैं. निर्माण में बैलेंस्ड कैंटिलीवर विधि का उपयोग किया गया, जो बड़े स्पैन के लिए विशेष रूप से इस्तेमाल किया जाता है.
बिना ट्रैफिक रोके पूरा हुआ निर्माण
इस परियोजना को सावधानीपूर्वक योजना बनाकर तैयार किया गया है ताकि वाहनों और कामगारों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके. साथ ही यातायात को बिना रुके चलने दिया जाए और जनता को कम से कम असुविधा हो. सरकार का लक्ष्य है कि साल 2026 तक दक्षिणी गुजरात में सूरत और बिलिमोरा के बीच बुलेट ट्रेन सेवा का पहला चरण शुरू कर दिया जाए. इस पहल की आधिकारिक शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जापान के प्रधानमंत्री शिंजो आबे ने 14 सितंबर, 2017 को की थी. हाई-स्पीड रेल लाइन को जापान की उन्नत शिंकानसेन तकनीक का उपयोग करके विकसित किया जा रहा है.
मुंबई के बाद दिल्ली की बारी
अहमदाबाद से मुंबई तक बुलेट ट्रेन चलाने के बाद एक और हाईस्पीड रेल प्रोजेक्ट शुरू करने की तैयारी है. इस बार अहमदाबाद से दिल्ली को जोड़ा जाएगा. इस कॉरिडोर में जयपुर, उदयपुर और चित्तौड़गढ़ जैसे प्रमुख स्टेशन शामिल होंगे. यह परियोजना आगामी लोकसभा चुनावों के लिए बीजेपी के घोषणापत्र के अनुरूप है, जिसमें हर क्षेत्र में बुलेट ट्रेन का वादा किया गया है. सितंबर 2020 में शुरू की गई इस परियोजना को केंद्र से अंतिम मंजूरी मिलने का इंतजार है.