कुम्हारी। 24 पार्षदों और एक अध्यक्ष की सीट लिए कुम्हारी नगर पालिका परिषद नये सदस्यों के स्वागत के लिए बेचैन है। पूर्व परिषद पर कांग्रेस ने कब्जा जमाते हुए थे, अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष कांग्रेस ने बनाये थे।
नगर पालिका कुम्हारी पाटन विधानसभा क्षेत्र का एक मात्र पालिका परिषद है। इस पर भाजपा और कांग्रेस दोनों ही दमदारी से चुनाव लड़ने तैयार हैं। यह विधानसभा पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और दुर्ग जिले के सांसद दोनों के लिए साख की लड़ाई है।
पिछले वर्षों में हुए लोकसभा और विधानसभा चुनाव में पड़े मतों को देखें तो भाजपा ने कांग्रेस को परास्त किया था, लेकिन कांग्रेस ने विधानसभा जीतने में सफलता हासिल कर ली थी।
20025-29 की नगरीय निकाय चुनाव में जीत दर्ज करने भाजपा ने मतदाताओं से एक वर्ष से तैयारी शुरू कर दी है वहीं कांग्रेस अपने 5 वर्षों के कार्यों के भरोसे पार्षदों को ही पुनः जीत की हैट्रिक लगाने झोंक दिये हैं। इस चुनाव में अध्यक्ष का पद आरक्षण में पिछड़ा महिला होने से चुनाव लड़ने उत्सुक दोनों दलों के नेता मायूस हैं। वहीं 24 वार्डों में लगभग 8 सीट महिला आरक्षित हुए हैं।
भाजपा के सत्ता संभालने के बाद से ही नगरीय निकाय क्षेत्रों में परिसीमन कर प्रत्याशियों के एकाधिकार को खत्म कर दिया है। अब पार्षद बनने को इच्छुक प्रत्याशियों के सामने मतदाताओं को साधने नये सिरे से मेहनत करनी होगी।
अध्यक्ष पद पर नजर जमाये नेता आरक्षण के कारण पत्नियों के लिए टिकट मांगते नजर आ रहे हैं। जबकि भाजपा संगठन ने पहले ही कह दिया है कि पार्षद पत्नियों को प्रत्याशी नहीं बनाया जायेगा। अब नामांकन भरने के अंतिम क्षणों में राजनीतिक संगठनों को प्रत्याशी चयन करने भारी जद्दोजहद करनी पड़ रही है। अंदेशा यही है दो दिनों में सभी पार्षदों और अध्यक्ष पद के महिला प्रत्याशी अवश्य चयन कर लेगी।